Thursday, May 22, 2014

तिलमिलाहट

तिलमिलाहट एक शब्द मात्र नही है वरन बहुत सारे कार्यकलापों का मिश्रण है । मसलन एक जगह टिक न पाना, बोखलाहट के मारे इधर उधर भागना, एक सोच पर अडिग ना रह पाना, इर्ष्या करना, खीजना, चिढ़ना, झुँझलाना, हालात को और खुद को ना समझ पाना, गुमराह होना और दूसरों को गुमराह करना, दूसरे की तरक्की बर्दास्त न कर पाना, धुड़की देना, मगरमच्छी लक्षण (जिसमें मगरमच्छी आँसू और मगरमच्छी पलटियां शामिल हैं ), बीमारी का बहाना करना, कामचोरी के बहाने बनाना इत्यादि शामिल हैं।

इन सब लक्षणों को समझने के लिए ये बिलकुल माकूल वक़्त हैं। आपको बस खबरों पर नज़र बनाये रखनी हैं।

जी हाँ मित्रों !!!

शायद आपको अंदाजा हो गया होगा कि हम किसके बारे में बात कर रहे हैं। इन लक्षणों से परिपूर्ण वो महान कलाकार हैं   "श्रद्धेय श्रीं भगोड़े वाल जी"  जो इस कलाकारी (असल में बीमारी) में इतने माहिर हैं की हर बार जनता को बेवकूफ बनाने के लिए अपनी तिलमिलाहट का नये तरीके से नाटकीय रूपांतरण कर लेते हैं ओर भोलीभाली जनता फिर से चमत्कारी समझ कर उनके पीछे हो लेती हैं। जिस जंतर जुगाड़ को पाने की सनक में ये लगे हुए थे वो इनके सब्जबाग और झूठ तंत्र की वजह से पूरी हो नही पाई क्योंकि इस पीढ़ी की जनता अब मदारियों के खेल समझने लगी है । लेकिन मदारी  अपनी टीस को रोक नहीं पा रहा और रीस करना उसको आता नहीं हैं।

ले दे के वही डुगडुगी और वही तमाशा और वही गाना

राम दुहाई  हाए !!!! दिल का दर्द ना जाने कोई !!!! राम दुहाई
ये नौटंकी हमें कहां ले आई !!! राम दुहाई !!! हाए

Thursday, May 15, 2014

भगोड़े की दिमागी बीमारी

भारत देश के मेरे प्यारे भाइयो और बहनों,

कृपया सतर्क हो जाइये, क्योंकि दिल्ली का भगोड़ा फिर से भागने  फ़िराक में हैं।
पहचान : मुँह पर मफ़लर लपेटे होगा, झाड़ू हाथ में होगा, पैरों में चप्पल पहने होगा और दिखने में आम आदमी जैसा ही होगा।
लेकिन उसके पहनावे पर मत जाइयेगा, वह देश की जनता को सब्जबाग दिखाने, उनके विश्वास को तोड़ने, लोगो की भावनाओं से खेलने और जिम्मेदारियों से भागने में माहिर है।
लेकिन आप लोगो से मेरा अनुरोध है की ऐसे समय में दिमागी बीमारी से पीड़ित इस व्यक्ति की सहायता करें। इस व्यक्ति को जहां भी देखे कृपया करके बिना कोई हानि पहुंचाये नजदीक के हस्पताल में भर्ती करवाये ओर हो सके तो उसका इलाज़ मुफ्त करवाएं।
क्योंकि जब अच्छे दिन आने वाले है तो उसके लिए भी तो कुछ अच्छा होना चाहिए ना।